इन्तजार
आज है बस ?..
यही इन्तजार ,,,,,,,
कब होगा मुझे !
सभी का दीदार ......
वो कैसा दिन था ?
जब मैं पड़ी धरती पर ....
सच में था गोड का ,
हाथ उस दिन मुझपर ?..
निकलते निकलते उस रोज ?
क्यों निकली थी उस पार .....
कुछ ना देखा इदर उधर,
जा पड़ी जमीन पर ?...
डॉ ने बतलाया ,
लगी हड्डी मे है मार,,,,,,
X रे मे दिखा रहा है,
सूजन डिस्क के अन्दर ........
कब होगा मेरी?
इस हालत मे सुधार ..
सोचती हूँ दिनभर ,
पड़ी हूँ मैं लाचार ...
हे भगवन ,
करो तुमभी तो सुविचार ?
नयी नयी उमंगें थी ..
इस मन के अन्दर ....
कब देखोगे तुम ?
प्रभु मेरी ओर ....
कब करोगे मेरी ?...
पीठ का दर्द दूर ......
कर सकू मैं सेवा ..
तुम्हारी निरंतर ....
और कर सकूं बैठकर ,
बस ध्यान निरंतर .......
,
लगी हड्डी मे है मार ....
लगी हड्डी मैं है मार .......
यही इन्तजार ,,,,,,,
कब होगा मुझे !
सभी का दीदार ......
वो कैसा दिन था ?
जब मैं पड़ी धरती पर ....
सच में था गोड का ,
हाथ उस दिन मुझपर ?..
निकलते निकलते उस रोज ?
क्यों निकली थी उस पार .....
कुछ ना देखा इदर उधर,
जा पड़ी जमीन पर ?...
डॉ ने बतलाया ,
लगी हड्डी मे है मार,,,,,,
X रे मे दिखा रहा है,
सूजन डिस्क के अन्दर ........
कब होगा मेरी?
इस हालत मे सुधार ..
सोचती हूँ दिनभर ,
पड़ी हूँ मैं लाचार ...
हे भगवन ,
करो तुमभी तो सुविचार ?
नयी नयी उमंगें थी ..
इस मन के अन्दर ....
कब देखोगे तुम ?
प्रभु मेरी ओर ....
कब करोगे मेरी ?...
पीठ का दर्द दूर ......
कर सकू मैं सेवा ..
तुम्हारी निरंतर ....
और कर सकूं बैठकर ,
बस ध्यान निरंतर .......
,
लगी हड्डी मे है मार ....
लगी हड्डी मैं है मार .......
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