Friday, 5 October 2012

Magic of god

As we always have wishes to do....
It can be to paint.....
It can be to write....
It can be to talk.......
It can be to travel...
It can be to see god.....
Something like that....when we planned to go
To guruwayur temple....with some wish...
I wanted to go to Mummiyooy temple as said by ....
Someone that ur durshan of guruwayur is incomplete
If u don't visit this temple also...
So I had made up my mind but....
Due to time constrain could not go....
But I wasn't  happy with that....
We started back for home....
Such a known place and....
Not getting the way out to come.....
Can anyone believe for around half an hour..
We just were going round and round...
That was so surprising....
Last we stopped near a place to ask some one..
The way out to go back.......
Imagine! Where we're we......
Just at the door of mummiyoor temple.....
And we had durshan of god shiva....
So I strongly believe.....
Magic of god is always there!



Friday, 28 September 2012

Pyaari behno

प्यारी बहनों ...

मेरी प्यारी बहनों ..आप सभी हो महिला मंडल रो गहनों ... 

पिछले दो सालों  मे , आपने दिया जो मेरा साथ ......
उसके लिए देती हूँ  मैं , तहे दिल से धन्य्वाद ....


जो भी किये हमने ! छोटे बड़े सभी काम .......
कार्यकारिणी समिति को था उसका पूरा ज्ञान ..........


भूलचूकसे  अगर किसीके , दिल को किया आघात .....
तो कर देना बहनों हमको , बहन  समझकर  माफ .........


आनेवाली  अध्यक्षा / कमेटी  का मैं करती हूँ  अभिनन्दन ......
और देती हूँ अपने साथ का  पूरा आश्वासन ........

ये सच है की .......
अधूरा  है  आसमां , तारों के बिना ......
अधूरा  है  समुन्दर  , तारों के बिना  ....
अधूरी  है फिजा , बहारों के बिना  .......
और अधूरा  है महिलामंडल , आप सभी बहनों के बिना  ........
आप सभी बहनों के बिना  .............



धन्यवाद 

Intjaar

इन्तजार


आज है बस ?..
यही  इन्तजार ,,,,,,,
कब होगा मुझे !
सभी का दीदार ......

वो कैसा दिन था ?
जब मैं पड़ी धरती पर ....
सच में था गोड  का ,
हाथ उस दिन  मुझपर ?..

निकलते निकलते उस रोज ?
क्यों  निकली थी उस पार .....
कुछ ना  देखा इदर उधर,
जा पड़ी जमीन पर ?...

डॉ  ने बतलाया ,
लगी हड्डी मे  है मार,,,,,,
X रे  मे दिखा रहा है,
सूजन  डिस्क  के अन्दर ........

कब होगा मेरी?
इस हालत मे  सुधार ..
सोचती हूँ  दिनभर ,
पड़ी हूँ  मैं  लाचार ...

हे  भगवन ,
करो तुमभी तो सुविचार ?
नयी नयी उमंगें थी ..
इस मन के अन्दर ....

कब देखोगे  तुम  ?
प्रभु मेरी ओर ....
कब करोगे मेरी ?...
पीठ का दर्द दूर ......

कर सकू मैं सेवा ..
तुम्हारी निरंतर ....
और कर सकूं बैठकर ,
बस ध्यान  निरंतर .......








 ,
लगी हड्डी मे  है मार ....

लगी हड्डी मैं है मार .......



Sunday, 16 September 2012

AAGHAT

                                  आ घा त 

उनकी  वो  तीखी  बात ,,
लागी दिल  पर  ज्यूं  आघात ,,
कभी  न  सोचा  था ----
करेंगे  वो  हमसे  ऐसी  बात,,
    

        जी  तो  करता  है ,,
        रहें  सदा  खामोश ,,
        करें  ना  अपने  मन  को ----
        कभी  भी  यूं  हताश ,,


कौन  जानेगा   ?
इस मन  की  वो व्यथा ,,
आँसू  बन  बह  रही है,,
जो की हमने  वो  खता ,,

        
           तुम  ही  करो  अब  भग्वन ,,
           इस  बात  का   निदान ,,
           हमें  भी  तो  सिखाओ ----
           मीरा  की  तरह  विष  पान  करना .....
           मीरा  सा  रस  गान  करना ........
            

Saturday, 15 September 2012

Khwaishe...unlimited

 Ye Sach hi hai    .....
Har Sabah hote hai na Jane kitne arman.
 Bharna to cahta hai man ek unchi udaan.
Bas main  nahi hamare kuch   bhi tu pyre maan.   
Warna  to ham bhi chod dete na Jane kitne kaman.
Isi liye  to pyare  kahlate hai insan..........